Just some random thoughts ( Urdu poetry)

चांद की तलाश में निकले, तारो को हमसफ़र मानकर
नया सफर शुरू किया , आसमान को रहगुजर मानकर


बेताब हूं जानने को, चांद की चमक का राज क्या है
इस चांदनी में आखिर ऐसी आखिर बात क्या है


इस चमक ने यारो मुझे कुछ यूं हैरान किया है
देखो कैसे चांदनी ने हमें चांद के दागो से अनजान किया है


खूबसूरती के आगे इस चांदनी की लोग दागो को भूल जाते है
यह तो इंसानों की एक गलती पर, उसके सौ अच्छे कामों को भूल जाते है

तुम मुझे जीने से नहीं रोक सकते

ज़रूरत मुस्कान की थी, और हम अश्को को प्यार समझ बैठे

जिसने हमें इंसान तक ना समझा, हम उस यार समझ बैठे

बात अगर दिल तोड़ने की होती, तो माफ़ कर भी दिया होता

अगर तुमने अपने नापाक हाथो से, मेरे जिस्म को छुआ नहीं होता

रोती रही, गिड़गिड़ाती रही, मै अस्मत के लिए मेरी

पर बना दिया था जानवर, तुझे उस हवस ने तेरी

मोहब्बत ना समझा तुमने अपनी, ये हमने मान लिया होता

मगर एक इंसान थी मै, काम से काम इतना जान लिया होता

कितनी बेबस और कमजोर थी मै, ये समझ गई थी मै

प्यार है या हवस है, इन सवालों में उलझ गई थी मै

पर ये जान लो की भरोसा करना छोडूंगी नहीं मै

संभलूंगी इस दुनिया में हर कदम पर, पर इसे छोडूंगी नहीं मै

उस वक्त चाहे कमजोर थी, पर अब कमजोर नहीं पड़ना है

जीना है अपनी ज़िन्दगी शान से, सपनों को पूरा करना है

मरना नहीं है, और ना ही घुट घुट कर जीने का इरादा है

हंसना है, मुस्कुराना है, जीना है जी भरके ये मेरा खुद से वादा है

Urdu shayri (ghazal)

अल्लाह करें तेरे दिल पर लिखा नाम हमारा हो
तेरे लबों को जो मुस्कान दे वो काम हमारा हो 

 इश्क की गलियों में जब भी तेरे दिल की हो नीलामी
बोली   में   लगा   सबसे   ऊंचा   दाम   हमारा   हो

कोशिश  पूरी  करेंगे  हम  इश्क  की  राह में जीतने की
उम्मीद है कि जीत के बाद तेरा दिल ईनाम हमारा हो  

हाल यूं है कि सारी दुनिया भुला दी हमने तेरे लिए
जेसे  तुम  से   मोहब्बत   ही   काम  हमारा  हो

  दिल   ने  ‌तुम्हें   दर्जा  रब   का  दें दिया   है
अब तो इश्क ही तेरा काबा और चारों धाम हमारा हो